JOURNEY AWAY 4M HOME ~meri khanabadoshi se puche koi kitna mushkil hai Raste ko ghar bolna...



Gar vo apne chehre mein sau 'aftaab' rakhte hai

Hum bhi aankhon mein gehari
'Chenaab' rakhte hain :)

Mere muskaan ki chatri ke 'aashana' hain kai mausam

Yun hi nahi zindagi tera 'lihaaz' rakhte hain




Saturday, November 22, 2008

PAPPU KE PAPA KA ROBOT...

एक दिन pappu के पापा एक रोबोट ले कर आये. वह रोबोट झूठ पकड़ सकता था और झूठ बोलने वाले को गाल पर खीँच कर चांटा मार देता था. आज pappu स्कूल से घर देर से आया था... पापा ने पूछा "घर लौटने में देर क्यो हो गयी?" "आज हमारी एक्स्ट्रा क्लासेस थी" pappuू ने जवाब दिया... रोबोट अचानक अपनी जगह से उछला और जमकर pappuू के गाल पर चांटा मार दिया. पापा हंसकर बोले, "ये रोबोट हर झूठ को पकड़ सकता है और झूठ बोलने वाले को चांटा भी मारता है. अब सच क्या है यह बताओ... कहाँ गए थे?" "में फिल्म देखने गया था" pappu बोला "कौन सी फिल्म?" पापा ने कड़ककर पूछा "हनुमान" चटाक... अभी pappuू की बात पूरी भी नहीं हुई थी की उसके गाल पर रोबोट ने एक जोर का चांटा मारा. "कौन सी फिल्म?" पापा ने फिर पूछा "कातिल जवानी." पापा ग़ुस्से में बोले "शर्म आनी चाहिए तुम्हे. जब में तुम्हारे जितना था तब ऐसी हरकत नहीं किया करता था." चटाक... रोबोट ने एक चांटा मारा... इस बार पापा के गाल पर. यह सुनते ही मम्मी किचन में से आते हुए बोली "आख़िर तुम्हारा बेटा है ना... झूठ तो बोलेगा ही" अब मम्मी की बारी थी... चटाक

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Der lagi aane me unko...shukr hai fir bhi aaye to :)